लेखिता की शुरुआत

ऐप खोलने से लेकर WhatsApp पर पहला बिल भेजने तक — क़रीब दस मिनट। न कंप्यूटर चाहिए, न अकाउंटिंग का ज्ञान। बस वही फ़ोन जो आपकी जेब में है, और एक ईमेल पता जिसे आप अभी खोल सकें।

शुरू करने से पहले, दो सीधी बातें

  • एक ईमेल पता चाहिए, जिसे आप अभी खोल सकें। अभी साइन इन ईमेल से होता है — कोड आपके इनबॉक्स में आता है। मोबाइल नंबर से साइन इन बनाया जा रहा है; तब तक उसी फ़ोन का Gmail सबसे आसान रास्ता है।
  • पहली बार ऐप खुलने में समय लगता है। वेब ऐप पहली बार खुद को डाउनलोड करता है — कमज़ोर नेटवर्क पर कुछ देर सफ़ेद स्क्रीन दिख सकती है। वह अटका नहीं है, डाउनलोड हो रहा है। उसके बाद जल्दी खुलता है, और नेटवर्क चला जाए तब भी चलता रहता है।

1. ईमेल से साइन इन कीजिए

ऐप खोलिए और अपना ईमेल पता डालिए। उस इनबॉक्स में छह अंकों का एक बार चलने वाला कोड (OTP) आएगा — उसे डालते ही आप अंदर हैं। कोई पासवर्ड याद रखने की ज़रूरत नहीं, और हम कभी पासवर्ड मांगते भी नहीं। अगर उस पते पर अकाउंट नहीं है तो अपने-आप बन जाता है — अलग से साइन अप करने की ज़रूरत नहीं।

OTP किसी को मत बताइए — चाहे कोई खुद को लेखिता का आदमी ही क्यों न बताए। हम फ़ोन करके OTP कभी नहीं पूछते।

2. बताइए, आपकी दुकान क्या बेचती है

सेटअप में लेखिता एक ज़रूरी सवाल पूछता है: आपकी दुकान सामान बेचती है (किराना, बुटीक, इलेक्ट्रॉनिक्स), सर्विस देती है (सैलून, रिपेयर, सिलाई), बुकिंग लेती है (ट्यूशन, फ़ोटोग्राफ़ी, शादी का काम) — या मिला-जुला? आपके जवाब के हिसाब से ऐप खुद को जमा लेता है — सैलून को अपॉइंटमेंट की डायरी दिखती है, किराने को तेज़ बिलिंग काउंटर।

जो सबसे क़रीब लगे वही चुनिए — यह कोई पक्का ठप्पा नहीं है, बस ऐप को बताना है कि कौन-सी स्क्रीन सामने रखे। एक सीधी बात: यह जवाब सेटअप में ही तय होता है और बाद में सेटिंग्स से बदला नहीं जा सकता। ग़लत चुन जाए तो WhatsApp पर बताइए — हम अपनी तरफ़ से ठीक कर देंगे, दोबारा शुरू करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

3. पहला आइटम जोड़िए

  1. होम स्क्रीन से आइटम में जाइए।
  2. जोड़ें दबाइए, नाम और दाम लिखिए। बिलिंग शुरू करने के लिए इतना काफ़ी है — फ़ोटो, स्टॉक और कैटेगरी बाद में आ जाएंगे।
  3. सर्विस और बुकिंग वाले काम में हर सर्विस का रेट इसी तरह जोड़िए।

कुछ कामों के लिए (जैसे फ़ोटोग्राफ़ी, मेकअप जैसे शादी के काम) कैटलॉग पहले से भरा मिलता है — दाम अपने हिसाब से बदलिए और जो काम आप नहीं करते उसे हटा दीजिए।

4. पहला बिल बनाइए

  1. नई सेल दबाइए।
  2. आइटम चुनिए, मात्रा ठीक कीजिए, और पैसा वैसे ही लीजिए जैसे रोज़ लेते हैं — नक़द या UPI।
  3. सेव कीजिए। बिल दर्ज हो गया और होम स्क्रीन पर आज की बिक्री तुरंत बढ़ गई।

5. बिल WhatsApp पर भेजिए

कोई भी बिल खोलकर शेयर दबाइए। लेखिता रसीद का मैसेज खुद लिख देता है और साथ में एक प्राइवेट लिंक जोड़ देता है, जिसे ग्राहक बिना कोई ऐप डाले ब्राउज़र में खोल सकता है। WhatsApp पर भेजिए, कॉपी कीजिए, या ईमेल कर दीजिए।

आगे क्या?

बस — यही रोज़ का काम है: बिल बनाइए, भेजिए, हो गया। बाक़ी लेख अभी अंग्रेज़ी में हैं (हिन्दी में भी आ रहे हैं): रिपोर्ट, GST और स्टाफ़ और परमिशन।

कहीं अटक गए?

सीधे हमसे पूछिए — जवाब एक इंसान देता है, सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक।