मुफ़्त। पूरी दुकान, ट्रायल नहीं।
बिलिंग, उधार खाता, बुकिंग और WhatsApp शेयर — न कार्ड, न उलटी गिनती, न कोई सीमा। पेड प्लान 2027 में ₹2,999 सालाना से शुरू होंगे, और आज जुड़ने वालों के लिए वही क़ीमत लॉक रहेगी।
अकेले चलने वाली दुकान को जो चाहिए, सब ₹0 में
महीने में दस बिल नहीं। तीस दिन बाद सिर्फ़ पढ़ने लायक नहीं। अगर काउंटर आप ख़ुद संभालते हैं, तो यही पूरा प्रोडक्ट है।
यह पूरी दुकान है, ट्रायल नहीं। अगर काउंटर आप ख़ुद संभालते हैं, तो इससे आगे जाने की ज़रूरत कभी नहीं पड़ेगी।
- अनगिनत बिल, आइटम और कस्टमर — महीने की कोई सीमा नहीं
- उधार खाता — WhatsApp रिमाइंडर और UPI पे लिंक के साथ
- नेटवर्क चला जाए तब भी बिल बनता रहे
- WhatsApp पर बिल शेयर — कस्टमर को कुछ इंस्टॉल नहीं करना पड़ता
- बुकिंग, अपॉइंटमेंट और एडवांस
- आपका अपना स्टोर पेज — कोई कमीशन नहीं
- दिन के अंत की Z-रिपोर्ट और सेल्स डैशबोर्ड
- बिल और कस्टमर लिस्ट का CSV एक्सपोर्ट
- GST टैक्स इनवॉइस — हर लाइन पर HSN, CGST/SGST/IGST का बँटवारा, place of supply
आगे की क़ीमतें — आज कुछ भी चार्ज नहीं होता
पैसे कब देने पड़ेंगे?
जब दुकान एक आदमी और एक फ़ोन में न समाए। नीचे लिखा है कि 2027 में पेड प्लान आने पर किसका कितना लगेगा — और उनमें से कौन-सा हिस्सा हमने अभी बनाया नहीं है।
आप किस लाइन में हैं? अगर गल्ले को आपके सिवा कोई नहीं छूता, तो आप स्टार्टर वाले हैं और यह पेज यहीं ख़त्म। अगर आप सामान बेचते हैं और दुकान एक फ़ोन में नहीं समाती — काउंटर पर डेस्कटॉप, और उस पर बिल बनाता कोई और — तो वह शॉप प्रो है। और अगर आपका कारोबार शेल्फ़ का नहीं, बुकिंग-डायरी का है, तो बुकिंग प्रो उसी के लिए बना है।
स्टार्टर
हर दुकान
कार्ड न अभी, न बाद में
यह पूरी दुकान है, ट्रायल नहीं। अगर काउंटर आप ख़ुद संभालते हैं, तो इससे आगे जाने की ज़रूरत कभी नहीं पड़ेगी।
- अनगिनत बिल, आइटम और कस्टमर — महीने की कोई सीमा नहीं
- उधार खाता — WhatsApp रिमाइंडर और UPI पे लिंक के साथ
- नेटवर्क चला जाए तब भी बिल बनता रहे
- WhatsApp पर बिल शेयर — कस्टमर को कुछ इंस्टॉल नहीं करना पड़ता
- बुकिंग, अपॉइंटमेंट और एडवांस
- आपका अपना स्टोर पेज — कोई कमीशन नहीं
- दिन के अंत की Z-रिपोर्ट और सेल्स डैशबोर्ड
- बिल और कस्टमर लिस्ट का CSV एक्सपोर्ट
- GST टैक्स इनवॉइस — हर लाइन पर HSN, CGST/SGST/IGST का बँटवारा, place of supply
शॉप प्रो
सामान बेचने वाली और मिली-जुली दुकानें
आगे चलकर: ₹3,999 / साल
इसकी ज़रूरत उस दिन पड़ती है जब दुकान एक फ़ोन में नहीं समाती — काउंटर पर डेस्कटॉप, और उस पर बिल बनाता कोई और।
- स्टार्टर का सब कुछ, जस का तस
- कई डिवाइस — वही दुकान काउंटर के फ़ोन पर, डेस्कटॉप पर और वेब पर
- पूरी रिपोर्ट — कमाई, किस तरीक़े से कितना आया, GST, और गल्ले में कितना होना चाहिए
- पेमेंट सेटिंग, रिपोर्ट और एजेंट सिर्फ़ मालिक को दिखें
- साझा काउंटर फ़ोन के लिए PIN और फ़िंगरप्रिंट लॉक
- स्टाफ़ अपने-अपने अकाउंट से लॉगिन करेंअभी बना नहीं है
- हर व्यक्ति की अलग परमिशन — कैशियर, मैनेजर, स्टॉकिस्टअभी बना नहीं है
- किसने कौन-सा बिल बनाया, इसका रिकॉर्डअभी बना नहीं है
बुकिंग प्रो
सर्विस और बुकिंग वाले कारोबार
या ₹9,999 / साल
आगे चलकर: ₹1,499 / महीना
इसकी ज़रूरत तब है जब कारोबार ही बुकिंग का है — सैलून, ट्यूटर, स्टूडियो और शादी के वेंडर, जिनका काम अपॉइंटमेंट और एडवांस पर चलता है।
- स्टार्टर का सब कुछ, जस का तस
- WhatsApp पर बुकिंग रिमाइंडर — बुकिंग से सीधे एक टैप
- बुकिंग पर UPI एडवांस — स्कैन करने को QR, और पैसा आते ही दर्ज
- बुकिंग रद्द करें, तारीख़ बदलें, और एडवांस लौटाएँ
- लीड और डील की पाइपलाइन
- बुकिंग पक्की होते ही अपने-आप WhatsApp कन्फ़र्मेशनअभी बना नहीं है
- हर स्टाफ़ का अपना कैलेंडरअभी बना नहीं है
- शादी के वेंडर के लिए CRMअभी बना नहीं है
क़ीमतें रुपये में, प्रति कारोबार, GST अलग। टिक वाली हर लाइन आज ऐप में है और आज मुफ़्त है — ऐप में अभी कोई पेवॉल है ही नहीं। जिन लाइनों पर अभी बना नहीं है लिखा है, वे रोडमैप पर हैं और ऐप में आज मौजूद नहीं हैं। हम उन्हें इसलिए लिख रहे हैं ताकि आपको पता रहे कि आगे किस चीज़ के पैसे लगेंगे — इसलिए नहीं कि वे कल से चलने लगेंगी।
चार चीज़ें, जिनके पैसे हम कभी नहीं लेंगे
यहाँ लिख रहे हैं ताकि आप हमें इन पर पकड़ सकें। ये मुफ़्त प्लान पर भी लागू हैं, पेड प्लान पर भी, और बंद हो चुके पेड प्लान पर भी।
- आपकी सेल्स हिस्ट्री, कस्टमर लिस्ट और कैटलॉग — हमेशा पढ़ने और एक्सपोर्ट करने लायक, पेड प्लान बंद हो जाने के बाद भी।
- सेल दर्ज करना और बिल शेयर करना। ऐप इसी काम के लिए है; इसके पैसे लेना आपसे आपका ही काम करने के पैसे लेना होगा।
- उधार की याद दिलाना। खाता रिमाइंडर हमेशा मुफ़्त — अपने पैसे वसूलने के लिए दुकानदार से पैसे माँगना हमें मंज़ूर नहीं।
- बिल, कस्टमर या आइटम की गिनती। जो दुकानें आगे बढ़ रही हैं, उन पर सीमा लगाकर उन्हें कम लिखना सिखाना ग़लत है।
और पैसे लेंगे कैसे?
जायज़ सवाल, और ज़्यादातर क़ीमत वाले पेज इससे बचकर निकल जाते हैं। 2027 से पहले इनमें से कुछ नहीं होगा — पर जवाब आपको दुकान का हिसाब सौंपने से पहले पता होना चाहिए, बाद में नहीं।
जब वक़्त आएगा, तो पैसे कैसे लिए जाएँगे?
UPI से — उसी UPI ऐप में एक बार मंज़ूरी, जो आपके फ़ोन में पहले से है। न क्रेडिट कार्ड, न कहीं कार्ड के नंबर डालने पड़ेंगे, न बैंक जाना पड़ेगा। और अगर मैंडेट बिल्कुल नहीं देना चाहते, तो साल भर का पैसा एक बार QR स्कैन करके दे सकेंगे। दोनों ही सूरत में पैसा lekhita.com पर, ब्राउज़र में लिया जाएगा — ऐप के अंदर कोई ख़रीदारी नहीं होगी। पैसा उसी तरीक़े से लेंगे जिस तरीक़े से आप पहले से पैसा चलाते हैं।
क्या बिना बताए पैसे कट सकते हैं?
नहीं। किसी भी कटौती से पूरे एक दिन पहले आपको WhatsApp पर और ऐप में संदेश मिलेगा — कितना और किस तारीख़ को। दुकानदार के खाते से बिना बताए पैसा कटना बिलिंग नहीं, धोखा है; उससे बेहतर है कि हमारा पैसा न आए।
किसी महीने पेमेंट फ़ेल हो गई तो?
कुछ बड़ा नहीं होगा। एक हफ़्ते तक पूरा ऐप वैसे ही चलता रहेगा जब तक आप इसे ठीक करें, और उसके बाद भी ऐप सिर्फ़ पढ़ने लायक होगा — सब कुछ खुलेगा, सब कुछ दिखेगा, सब कुछ एक्सपोर्ट होगा। आपका डेटा न मिटाया जाएगा, न आपको अपने ही खाते से बाहर किया जाएगा। कभी नहीं।
आपके सवाल
क्या यह सच में मुफ़्त है? पेच क्या है?
कोई पेच नहीं, और कार्ड भी नहीं माँगा जाता। अर्ली एक्सेस में हर फ़ीचर मुफ़्त है — न कोई उलटी गिनती, न बिलों की सीमा, न कोई ऐसा पल जब ऐप बंद होकर पैसे माँगे। ऊपर लिखी क़ीमतें आगे आने वाले पेड प्लान की हैं; आज कुछ भी चार्ज नहीं होता।
पेड प्लान आने पर मेरा क्या होगा?
मुफ़्त प्लान मुफ़्त ही रहेगा, और उतना ही बड़ा रहेगा — ऊपर की लिस्ट पूरा मुफ़्त प्लान है, उसकी झलक नहीं। और जो लोग अभी जुड़े हैं, उनकी लाइन पर लिखी फ़ाउंडिंग क़ीमत तब तक उनकी रहेगी जब तक वे उस प्लान पर बने रहें — भले पब्लिक क़ीमत बढ़ जाए। अगर आपकी दुकान को स्टार्टर से आगे जाने की ज़रूरत कभी न पड़े, तो हमारा बिल कभी नहीं आएगा।
अगर मैंने आगे पैसे देना बंद कर दिया तो?
आपका डेटा आपका रहेगा और उसे बाहर निकालना भी आपके हाथ में रहेगा। बिल, खाता और कस्टमर लिस्ट हमेशा पढ़ी जा सकेंगी और CSV में निकाली जा सकेंगी। सब्सक्रिप्शन वसूलने के लिए किसी दुकानदार को उसके अपने खाते से बाहर करना — यही एक काम है जो माफ़ नहीं किया जा सकता।
क्या लेखिता कमीशन लेता है?
नहीं। 0%। UPI का पैसा कस्टमर के फ़ोन से सीधे आपके बैंक खाते में जाता है — लेखिता उस रास्ते में है ही नहीं, इसलिए चाहकर भी कुछ काट नहीं सकता। इसका दूसरा पहलू साफ़-साफ़: इसी वजह से ऐप को यह दिखता नहीं कि UPI का पैसा आ गया। बिल को 'पेड' आपको ख़ुद मार्क करना होता है।
अभी मुफ़्त क्यों?
क्योंकि हमने अभी वह पैसा कमाया नहीं है। लेखिता नया है — असली दुकानें इस पर चल रही हैं और जो टूटता है, वह सामने आ रहा है। अधूरे प्रोडक्ट के पैसे लेने से बेहतर है कि पहले उसे आपके साथ मिलकर ठीक करें। पेड प्लान तब आएँगे जब प्रोडक्ट उन्हें कमा लेगा, और जिन दुकानदारों ने पहले भरोसा किया, उनकी फ़ाउंडिंग क़ीमत बनी रहेगी।
क्या रुपये के अलावा कोई और करेंसी चलती है?
आज नहीं। लेखिता INR-पहले है, क्योंकि यह भारतीय दुकानों के लिए बना है — रकम लाख और करोड़ में गिनी जाती है, और वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च चलता है। दूसरी करेंसी लंबी सूची में है, कोई तारीख़ तय नहीं।
आज ही शुरू कीजिए — उसी फ़ोन पर जो आपके हाथ में है
सेटअप में लगभग दस मिनट लगते हैं — पूरा तरीक़ा यहाँ है।